कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नितीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती के मौके पर राज्य में ‘देशरत्न मेधा छात्रवृत्ति योजना’ की शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत मैट्रिक और इंटर की परीक्षा के टॉपर छात्रों को प्रतिवर्ष सम्मानित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि सूबे के प्रतिभावान छात्रों को राजेंद्र बाबू की जयंती पर सम्मानित करना ही सच्चे मायने में राजेंद्र बाबू को श्रद्धांजलि होगी. बिहार ने उनकी जयंती को ‘मेधा दिवस’ के रूप में मनाने की शुरुआत कर दी है. अब हर वर्ष तीन दिसंबर को ‘मेधा दिवस’ के रूप में मनाया जायेगा. उन्होंने कहा कि पूरे देश में इस दिन को मेधा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत करने के लिए केंद्र सरकार से बिहार आग्रह करेगा. मुख्यमंत्री मेधा दिवस समारोह के मौके पर रविवार को ज्ञान भवन के सम्राट अशोक अंतरराष्ट्रीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

मैट्रिक और इंटर के टॉपरों की मेधावृत्ति राशि क्रमश: एक लाख और एक लाख 75 हजार रुपये हुई

राजेंद्र बाबू की जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री ने मैट्रिक और इंटर के 25 टॉपर छात्रों को सम्मानित किया. इसमें मैट्रिक के 10 छात्र और इंटर के तीनों संकाय (विज्ञान, कला और वाणिज्य) के 15 छात्र शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से मैट्रिक के टॉपर की मेधावृत्ति राशि 10 हजार रुपये से बढ़ा कर एक लाख और इंटर टॉपर की राशि 15 हजार से बढ़ा कर एक लाख 75 हजार कर दी गयी है. इस मौके पर सूबे के 10 जिलों औरंगाबाद, कटिहार, कैमूर, गोपालगंज, जमुई, नालंदा, पटना, पश्चिम चंपारण, बेगूसराय और मधेपुरा के डीएम को बेहतर और कदाचारमुक्त परीक्षा का संचालन करने के लिए सम्मानित किया गया. इस मौके पर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने कहा कि बिहार में आनेवाले कुछ दिनों में पूरी तरह से कदाचार मुक्त परीक्षा का आयोजन होने लगेगा. इसकी शुरुआत वर्ष 2017 से ही हो चुकी है.

Leave a Reply