1973 से 1985 तक इंदिरा गांधी के शासनकाल के दौरान प्रेम नाथ बहल नाम का एक IAS अधिकारी प्रधानमंत्री सचिवालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत था। पीएन बहल नाम का यह अधिकारी अक्टूबर 1984 में हुई इंदिरा गांधी की हत्या तक राजनीतिक मामलों में इंदिरा गांधी के निजी सलाहकार की ड्यूटी निभाता था। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कुछ महीनों तक राजीव गांधी के साथ भी वो यही ड्यूटी निभाता रहा था। जनवरी 1985 में राजीव गांधी ने संसद में एक सनसनीखेज खुलासा किया था कि प्रधानमंत्री कार्यालय में जासूसों के एक गिरोह को चिन्हित किया गया है। इस गिरोह में ज्वाइंट सेक्रेटरी रैंक के कई IAS अधिकारी शामिल हैं। आईबी इस सन्दर्भ में आगे की जांच कर रही है। राजीव गांधी ने तब संसद से अनुरोध किया था कि इस सन्दर्भ में अभी ज्यादा कुछ बताने का दबाव मुझ पर मत डालिये क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो जाएगी। अपने इस खुलासे के कुछ दिनों बाद राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री कार्यालय के कई अधिकारियों को हटा दिया था। हटाये गए अधिकारियों में पीएन बहल भी शामिल था।


राजीव गांधी के उस सनसनीखेज खुलासे और प्रधानमंत्री कार्यालय से अधिकारियों के हटाये जाने की कार्रवाई के मध्य कोई सम्बन्ध था या नहीं.? यह कभी स्पष्ट नहीं हो सका। लेकिन राजीव गांधी के जीवनकाल तक पीएन बहल को फिर कभी किसी जिम्मेदार पद पर नहीं नियुक्त किया गया। किन्तु राजीव गांधी की मृत्यु के पश्चात 1991 में कांग्रेस की सत्ता में हुई वापसी के साथ ही पीएन बहल पुनः महत्वपूर्ण हो गया था और आश्चर्यजनक रूप से गांधी परिवार का भी करीबी हो गया था।
इसके बाद ही अगले 5-6 वर्षों में उसके लड़के के मीडिया हाउस TV18 ने दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करना प्रारम्भ किया था।
इस पीएन बहल का लड़का है राघव बहल। यह वही राघव बहल है जिसने अपनी वेबसाइट पर तीन दिन पहले ही यह रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें यह दावा किया गया है कि कुलभूषण जाधव पाकिस्तान में रॉ के लिए काम करता था।
ज्ञात रहे कि भारत इस पाकिस्तानी आरोप को झुठलाता रहा है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में स्वयं पाकिस्तान भी ऐसा एक भी सबूत प्रस्तुत नहीं कर सका जिससे उसके आरोप की पुष्टि हो। किन्तु राघव बहल की वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार कुलभूषण जाधव को लेकर पाकिस्तान सच बोल रहा है, भारत झूठ बोल रहा है। इसकी वेबसाइट की उस रिपोर्ट को पाकिस्तान पिछले 3 दिनों से अंतरराष्ट्रीय मंचों और मीडिया में एक सबूत के रूप में प्रस्तुत कर के स्वयं को सच्चा और भारत को झूठा, कुलभूषण जाधव को आतंकवादी तथा उसको सुनाई गई फांसी की सज़ा को न्यायोचित सिद्ध करने में जुटा हुआ है।


इससे पहले बीते वर्ष मार्च 2017 में इसी राघव बहल की वेबसाइट में प्रकाशित एक खबर के कारण सेना के जवान रॉय मैथ्यू ने आत्महत्या कर ली थी। उस सम्बन्ध में केस भी दर्ज है।
और थोड़ी जानकारी यह भी क़ि ये वही राघव बहल है जो कुछ वर्षों पूर्व तक TV18 मीडिया हाउस का मालिक हुआ करता था। इसने अपने न्यूजचैनल IBN7 द्वारा किये गए 2008 के वोट फ़ॉर कैश के स्टिंग ऑपरेशन को नहीं दिखाया था।
राघव बहल ने अपनी वेबसाइट पर भारत को झूठा, पाकिस्तान को सच्चा तथा कुलभूषण को आतंकवादी सिद्ध करने की खबर क्यों प्रकाशित की.? यह आसानी से समझा जा सकता है।

 

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