किसी भी पूजा से पहले नहाना सबसे अहम होता है. नहा-धोकर, नए वस्त्र पहनकर ही पूजा की तैयारियां शुरु की जाती हैं. बिहार में मनाए जाने वाले छ्ठ महापर्व की शुरुआत भी नहाय-खाय से होती है, यानी पहले स्नान कर शुद्ध होना. इस दिन सुबह-सुबह नहा धोकर सबसे पहले खुद को पवित्र किया जाता है.

इस बार कल यानी 24 अक्टूबर से नहाय खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत हो जायेगी . छठी मैया का यह महापर्व निष्ठा का पर्व है इसलिए साफ़ सफाई का विशेष महत्व है इस दिन छठ व्रती महिला या पुरुष शुद्ध चने की दाल और लौकी की सब्जी को भोजन में सम्मिलित करते हैं। सब्जी में प्रयोग किये जाने वाले नमक सेंध नमक ही होता है।व्रती इस दिन अरवा चावल से बने भात का ही सेवन करते हैं। सूर्य देव को भोग लगाने के बाद ही भोजन करने का विधान है।व्रती के साथ-साथ घर के सभी सदस्य भी यही भोजन करते हैं।

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