⛅ *दिनांक 08 जनवरी 2018*
⛅ *दिन – सोमवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – दक्षिणायण*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार मास – पौष*
⛅ *मास – माघ*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – सप्तमी शाम 03:46 तक तत्पश्चात अष्टमी*
⛅ *नक्षत्र – हस्त रात्रि 01:46 तक तत्पश्चात चित्रा*
⛅ *योग – अतिगण्ड 09 जनवरी प्रातः 05:44 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
⛅ *राहुकाल – सुबह 08:42 से सुबह 10:03 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:19*
⛅ *सूर्यास्त – 18:11*
⛅ *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण –
💥 *विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *अष्टमी तिथि के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *पेट-पाचन खराब हो तो* 🌷
🚶🏼 *अगर पेट-पाचन हमेशा ख़राब रहता है तो दाया हाथ नाभि पर और बाया हाथ इसके ऊपर रख कर गीता के १५ वे अध्याय का १४ वें श्लोक का सात बार रोज श्रद्धा से जप करो |*
🌷 *श्लोक – अहं वैश्वानरो भूत्वां प्राणिनां देहमाश्रितः |* *प्राणापानसमायुक्त: पचाम्यन्नं चतुर्विधम ||*
➡ *इसका अर्थ ये है – भगवान कहते हैं कि मैं सब के अंदर वैश्वानर रूप से बैठा हूँ , जठराग्नि के रूप में | खाया हुआ अन्न मैं ही पचाता हूँ |*
🙏🏻 *तो उन लोगों को प्रार्थना करनी चाहिये कि हे भगवान आप ही ने कहा है परन्तु मेरा पेट और पाचन क्युं खराब हो गया इसको तू ही ठीक कर दे |

🌷 *तिल* 🌷
🙏🏻 *तिल सेंककर गुड व घी मिला के लड्डू बना लें | एक लड्डू सुबह चबाकर खाने से मस्तिष्क व शरीर की दुर्बलता दूर होती है |*
🍛 *एक-एक चम्मच तिल व घी गर्म पानी के साथ रोज दो या तीन बार खाने से पुराने आँव, कब्ज व बवासीर में राहत मिलती है |
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *स्थायी लक्ष्मी प्राप्ति हेतु* 🌷
👉 *घर में रोज बहनें ध्यान रखें नाश्ता होने से पहले सफाई हो जाए | आपके घर में लक्ष्मी ना आये तो कहना | लक्ष्मी को स्वच्छता पसंद है |*
👉 *बहनें सुबह कभी घर से बाहर जाती हों तो घर में सफाई करके घर से बाहर जाए | ये बातें बहुत छोटी-छोटी है पर काम बहुत आएंगी |*
👉 *रात को घर में जूठे बर्तन रखकर ना सोएं | आपके घर लक्ष्मी जरुर आएगी और स्थाई वास करेगी |*
👉 *पलंग पर जहाँ आप सोते हैं वहाँ जूठे बर्तन मत रखो | आपके घर लक्ष्मी आये बिना नहीं रहेगी |*
👉 *शाम हो गई कपड़े सुखाने के लिए बाहर डालें हों तो वह ले लो | शाम के बाद कपड़े डाले रात को तो उसमे मलिनता प्रवेश करती है |
।।ॐ श्री हरि।।

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