⛅ *दिनांक 09 जनवरी 2018*
⛅ *दिन – मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – दक्षिणायण*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार मास – पौष*
⛅ *मास – माघ*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – अष्टमी शाम 04:14 तक तत्पश्चात नवमी*
⛅ *नक्षत्र – चित्रा 10 जनवरी प्रातः 03:05 तक तत्पश्चात स्वाती*
⛅ *योग – सुकर्मा 10 जनवरी प्रातः 05:14 तक तत्पश्चात धृति*
⛅ *राहुकाल – शाम 03:27 से शाम 04:48 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:19*
⛅ *सूर्यास्त – 18:12*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण –
💥 *विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *खांसी में* 🌷
😪 *अब जाड़ों के दिन हैं, सर्दी की शिकायत होगी, खांसी व कफ की शिकायत होगी l दायें नथुने से श्वास लिया और रोका l एक से सवा मिनट श्वास रोका और मन में जप करो “नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमंत बीरा” l फिर बायें नथुने से श्वास निकाल दो l जिसको सर्दी है तो ४ से ५ बार करें, ज्यादा नहीं l लेकिन सूखी खांसी हो तो वे लोग ये प्राणायाम ना करें l 😩 सूखी खांसी में घी के मालपुए बनाकर दूध में डूबा दो l २ घंटे तक डूब जाएँ, फिर वो मालपुए खा लो l सूखी खांसी में आराम होगा l
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *ऐसे 3 काम जो आपको बचा सकते हैं किसी भी मुसीबत में*
🙏🏻 *महर्षि मार्कण्डेय ने 3 ऐसे काम बताए हैं, जिन्हें करना सबसे अच्छा माना गया है। इन कामों को करने से मनुष्य किसी भी मुसीबत का सामना बड़ी ही आसानी से कर लेता है और उसे शुभ फल की प्राप्ति होती है।*
🙏🏻 *महर्षि मार्कण्डेय द्वार कहा गया श्लोक-*
*पुण्यतीर्थाभिषेकं च पवित्राणां च कीर्तनम्।*
*सद्धिः सम्भाषणं चैव प्रशस्तं कीत्यते बुधैः।।*
🌁 *1. तीर्थों में स्नान*
*तीर्थ स्थानों पर स्वयं देवताओं का निवास माना जाता है। तीर्थ स्थानों पर जाना, वहां पूजा करना और वहां के कुंड या नदी में स्नान करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश हो जाता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। कई तीर्थों पर स्नान करने से मनुष्य को मोक्ष भी मिलता है। तीर्थों पर स्नान सभी कामों में से सबसे अच्छा बताया गया है।*
🐄 *2. पवित्र वस्तुओं का नाम लेना*
*गोमूत्र, गोबर, गोदुग्ध ( गाय का दूध), गोशाला हवन, पूजन, तुलसी, मंदिर, अग्नि, पुराण, ग्रंथ ऐसी कई वस्तुओं को पवित्र माना जाता है। इनमें में खाने योग्य चीजों का सेवन व ग्रंथों को पढ़ना महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति ऐसा न कर सके तो केवल उनका नाम लेने से ही पुण्य की प्राप्ति हो जाती है। हर मनुष्य को हिंदू धर्म में पवित्र मानी गई इन चीजों का नाम पवित्र भाव से लेते रहना चाहिए। इससे निश्चित ही शुभ फल मिलता है।*
🙏🏻 *3. सत्पुरुषों के साथ बातें करना*
*सत्पुरुष यानी विद्वान, ज्ञानी, चरित्रवान और सत्यवादी इंसान। हर मनुष्य को अपने जीवन में सफलता पाने के लिए सही राह की जरुरत होती है। मनुष्य को सही राह विद्वान या ज्ञानी पुरुषों के द्वारा दिखाई जा सकती है। जिस व्यक्ति को सही-गलत, अच्छे-बुरे, धर्म-अधर्म का ज्ञान होता है, हमें उसका आदर करना चाहिए। ऐसे लोगों से बातें करके हम अपने हित की बात जान सकते हैं। मनुष्य को हमेशा ही विद्वान और ज्ञानी लोगों का सम्मान करना चाहिए और उनकी बताई हुई राह पर चलना चाहिए।*
।।ॐ श्री हरि।।

Leave a Reply