⛅ *दिनांक 16 जनवरी 2018*
⛅ *दिन – मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार मास – पौष*
⛅ *मास – माघ*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – अमावस्या पूर्ण रात्रि तक*
⛅ *नक्षत्र – पूर्वाषाढा शाम 07:23 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा*
⛅ *योग – व्याघात सुबह 08:56 तक तत्पश्चात हर्षण*
⛅ *राहुकाल – शाम 03:31 से शाम 04:52 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:19*
⛅ *सूर्यास्त – 18:16*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – दर्श अमावस्या, त्रिवेणी अमावस्या*
💥 *विशेष – अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *मौनी अमावस्या* 🌷
🙏🏻 *17 जनवरी 2017 बुधवार को मौनी अमावस्‍या है उस दिन प्रयाग में स्नान की तिथि है | आप सब प्रयाग तो नहीं जाओगे पर अपने घर पे ही उस दिन स्नान करते समय –*
🌷 *ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा | ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा |*
🙏🏻 *ये मंत्र बोलकर उबटन जो बापूजी ने बताया था उस उबटन को शरीर पर लगाकर स्नान करें तो गंगा स्नान का पुण्य मिलता है | अमावस्या के दिन तो जरुर करें | उस दिन गीता का सातवाँ अध्याय का पाठ करें और भगवान ने धन दिया है तो उस दिन घर में आटे की, बेसन की २ – ४ किलो मिठाई बना लेऔर गरीब बच्चे-बच्चियों में बाँट आयें, अपने पितरो के नाम दादा, दादी, नानी उनके नाम से बाँट कर आ जायें |
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *मौनी अमावस्या का मंत्र* 🌷
🙏🏻 *भविष्योत्तर पुराण में बताया कि माघी अमावश्या के दिन अगर भगवान ब्रम्हाजी का कोई पूजन करे, श्लोक और गायत्री मंत्र बोलकर जो ब्रम्हाजी को नमन करते हैं और थोड़ी देर शांत बैठे और फिर गुरुमंत्र का जप करें तो उनको विशेष लाभ होता है | जो भाई-बहन जो सत्संग में आते हैं वो दैवी सम्पदा पायें और लौकिक सम्पदा भी पायें | किसी के सिर पे भार न रहें | दैवी सम्पदा से खूब धनवान हों और लौकिक धन की भी कमी न रहें |*
🌷 *मंत्र इस प्रकार है –*
*स्थानं स्वर्गेथ पाताले यन्मर्ते किंचिदत्तंम | तद्व्पोंत्य संधिग्धम पद्मयोंने प्रसादत: ||*
🌷 *गायत्री मंत्र –*
*ॐ भू भुर्व: स्व: तत सवितुर्वरेण्यं | भर्गो देवस्य धीमहि | धियो यो न: प्रचोदयात् ||*
।।ॐ श्री हरि।।

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