राष्ट्रीय लोक समता पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार को भारत बंद के दौरान हाजीपुर में अपने ऊपर हुए हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आरक्षण का विरोध करने पर सवर्ण समाज का ही अधिक नुकसान होगा। आरक्षण के मामले पर जिस तरह से तनाव बढ़ रहा है, उससे इस बात का डर है कि बिहार 2005 के पहले वाली स्थिति में न चला जाये। सवर्ण समाज के समझने-बूझने वाले लोगों से हाथ जोड़ कर प्रार्थना है, वे आरक्षण का विरोध न करें। रालोसपा सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में दलित, आदिवासी और पिछड़ों की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए हल्ला बोल दरवाजा खोल अभियान चलायेगी। इसकी शुरुआत 20 मई को दिल्ली में सेमिनार के माध्यम से होगी।श्री कुशवाहा ने कहा कि दलितों और पिछड़ों की हकमारी का पार्टी हमेशा विरोध करेगी। सामाजिक न्याय का आंदोलन जारी रहेगा। दलितों और पिछड़ों को जितना हक मिलना चाहिए था, अब तक नहीं मिल पाया है।

दो अप्रैल को एससी-एसटी संगठनों के भारत बंद के विरोध में 10 अप्रैल को सड़क पर उतरना ठीक नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई डरा-धमका कर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी की आवाज नहीं दबा सकता है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दलितों, पिछड़ों और गरीब सवर्ण को आरक्षण दिलाने के लिए 20 मई से दिल्ली से सम्मेलन के साथ आंदोलन की शुरुआत होगी। दिल्ली के बाद पटना और अन्य राज्यों की राजधानी में सम्मेलन और गोष्ठी का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के आदेश के कारण समाज में तनाव बढ़ा है। हाल में न्यायपालिका से कुछ ऐसे निर्णय आ रहे हैं, जो शोषितों, दलितों और पिछड़ों के खिलाफ हैं। हमारी स्पष्ट मान्यता है कि जब तक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दलितों, पिछड़ों की भागीदारी नहीं बढ़ेगी, तब तक हकमारी होती रहेगी। सुप्रीम कोर्ट खुद ऐसी व्यवस्था करे, जिससे दलितों, पिछड़ों और गरीब सवर्ण का प्रतिनिधित्व बढ़े।

कुशवाहा ने कहा कि हमारी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ नहीं है,लेकिन न्यायापालिका में दलितों, पिछड़ों और वंचित तबकों की भागीदारी की है। उन्होंने कोर्ट के एक फैसले से मानव संसाधन विभाग भींिचंतित है। कोर्ट ने निर्णय दिया है कि विविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति में विविद्यालय को नहीं विभाग को इकाई माना जाये। इसके वंचित वर्ग के लोग प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर हुए हमले के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फोन पर हाल चाल लिया है और समाज में उत्पन्न स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के घर से कमांडो सुरक्षा हटाए जाने के सवाल पर कहा इस मामले पर कोई राजनीति सही नहीं है। जो कानूनन सही है वही किया गया है। लालू प्रसाद जी अभी अस्पताल में हैं। वहां उनकी सुरक्षा की जा रही है।

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