राजद प्रमुख लालू प्रसाद की सभी अवैध संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया तेज हो गयी है. आयकर विभाग ने अब तक उनके और उनके परिवार से जुड़े 23 बेनामी या अवैध संपत्ति का पता लगा लिया है. फिलहाल ये सभी संपत्ति आयकर की रडार पर हैं और इसे लेकर विस्तार से तफ्तीश चल रही है. इसके बाद इन्हें जब्त करने की प्रक्रिया कभी भी शुरू हो सकती है. इन संपत्तियों पर आयकर की कार्रवाई के बाद ईडी के स्तर पर भी कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, यह पहला मौका नहीं जब लालू परिवार की अवैध संपत्ति आयकर के रडार पर है.

इससे पहले जुलाई 2017 में लालू प्रसाद की पटना में मौजूद करीब एक दर्जन अवैध संपत्ति को आयकर विभाग जब्त कर चुका है. इसके बाद अब इस परिवार की बची हुई दूसरी अन्य अवैध संपत्तियों का पता आयकर विभाग को चला, जिनकी जांच अंतिम स्तर पर है और बची हुई अन्य संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया शुरू होगी. इस बार भी एक दर्जन के आसपास अवैध संपत्ति का पता चला है, जो पटना, नयी दिल्ली, फरीदाबाद, नोएडा, दानापुर समेत अन्य स्थानों पर मौजूद हैं.

ये सभी अवैध संपत्तियां लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव के अलावा उनकी कुछ बहनों के भी मालिकाना हक में हैं. हालांकि, लालू परिवार की सबसे बड़ी बेटी सांसद मीसा भारती की जब्त की गयी नयी दिल्ली स्थित तमाम अवैध संपत्ति इस सूची में नहीं हैं.
मीसा का मामला ईडी के पास चल रहा है और वह आयकर की 23 से ज्यादा अवैध संपत्तियों की मौजूदा सूची से अलग है. अवैध संपत्ति की सूची में लालू प्रसाद की दूसरी बेटी हेमा यादव के अलावा यूपी के दामाद का भी नाम सामने आ रहा है. गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई 2017 में लालू परिवार की दानापुर इलाके के धनौत में जो पौने सात डिसमिल के दो प्लॉट जब्त किये गये थे, वे हेमा यादव के नाम पर ही थे.

लालू प्रसाद की कंपनी ‘लारा प्रोजेक्ट एलएलटी’ के नाम से फुलवारीशरीफ अंचल क्षेत्र के जलालपुर मौजा में सात प्लॉट सीज हुए हैं. ये सभी प्लॉट एक ही स्थान पर हैं और इन सभी को मिला कर ही राज्य का सबसे बड़ा मॉल बनाने की तैयारी चल रही थी. इसका कुल रकवा करीब 55 कट्ठा है. शहर के चितकोहरा मोहल्ले में चार प्लॉट हैं, जिसका रकवा 21.68 डेसीमल है. इसके अलावा गोला रोड में मौजूद एक अपार्टमेंट में छह फ्लैट भी जब्त हुए हैं.
इसी से जुड़ी दानापुर के धनौत इलाके में दो और फुलवारीशरीफ के महुआबाग में एक प्लॉट भी सीज हुए हैं. धनौत में पौने सात डिसमिल के दो प्लॉट हैं, जो हेमा यादव के नाम पर हैं. जबकि, फुलवारीशरीफ के महुआबाग में एक प्लॉट है, जो राबड़ी देवी के नाम पर है. यह प्लॉट करीब आठ डिसमिल का है.

अब तक की जांच में यह बात भी सामने आयी है कि लालू परिवार के पास जितनी अवैध संपत्ति का पता अब तक चला है. वह सभी किसी ने किसी से गिफ्ट के रूप में उन्हें मिला है. आयकर विभाग इस बात की भी जांच में जुटा है कि इन लोगों ने कब-कब और किस कारण से लालू परिवार को इतनी बड़ी संख्या में गिफ्ट मिली है. गिफ्ट देने के प्रमुख कारण क्या रहे और किन-किन प्रमुख लोगों ने इन्हें गिफ्ट दिया है. इन बातों की भी गहराई से तफ्तीश चल रही है.

 

( प्रभात खबर  )

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