निजी क्षेत्र में नीतीश सरकार के आरक्षण के फैसले पे बिहार के युवा वर्ग की  क्या राय है यहाँ पढ़िए

अंजनी कुमार – आरक्षण बहूत गभीर विषय है जो सरकार समझती नही अपनी वाह वही लूटने के चक्कर में सबका बेडा गर्द कर रही.सरकार के पास कोई काम है नही लोगो को भटकाना ही इनका काम हो गया .

सुमित राज -ये एक निंदनीय कदम है बिहार सरकार का ओर जो भी पार्टी आज उनके साथ खड़ी है या उसके विरोध में कुछ नही कह रही है उनसे भी भविष्य में प्रश्न किया जायेगा कि आप अपने भविष्य को कितना गर्त में ठेलेंगे। या तो आरक्षण बैंड हो या आरक्षण को एक कड़े मापदंड में रखा जाए। ये बिहार के वर्तमान के साथ भविष्य को भी गर्त में भेजने का कार्य है।

Navin Trivedi – ईस काम से देश मे जात पात को बढ़ावा मिलेगा और देश बटेगा और किस आधार पे ये आरछण लागु किये है क्या जाती के नाम पे आरक्षण देना ठीक होगा क्या कंपनीय़ा जाती के नाम पे अयोग्य लोगो को रखने को मजबुर रहेगी य़ा कुर्सी कुमार ये ऊची जातियो और नीची जातियो के बीच आपस मे मतभेद करवाना चाहती है आज से 90 के दसक मे माले रणवीर सेना मावोवादी ईस तरह के कितने सगठन जो आज खत्म हो चुके है उन्हे फिर से उपजने का मौका दे रही है बिहार सरकार खुद नौकरी पैदा नहीं कर सकी तो ये काम कर रही है तो क्या उप मुख्यमंत्री दलित नहीं होना चाहिये क्या cm बिहार का दलित नहीं होना चाहिये उन पदो पे आरछण क्यो नहीं है .

Kumar Vishesh – सच्चे मायनो में अब सामाजिक न्याय स्थापित होगा।

अमित चौरसिआ – आरक्षण जात पात के आधार पर नहीं अमीर गरीब के आधार पर करना चाहिए .

हीरा झा – ये सरासर गलत है , अब आंदोलन करना होगा .

Prakash Shaw – तब तो छोटी जात बड़ी जात वाली कहानी फिर से सुरु हो गा ओर दूरिया बढ़ेगी .

Vinod Tiwari – सरकार इससे अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश कर रही है .

Deepak Thakur – There shouldn’t any kind of reservation. Because of that government sector already paralyzed. Now what bihar government want to do for there greedy Think .

निजी क्षेत्र में नीतीश सरकार के आरक्षण के फैसले पे हमने अपने फेसबुक पेज बिहार पे युवा वर्ग की राय पूछी थी . उसी में से कुछ जवाब को हमने यहाँ पोस्ट किया है .

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