नीतीश जी , विकास का मैप फाड़कर मानव श्रृंखला उर्फ सनक का ये समारोह आपको मुबारक….

21 जनवरी को फिर से बिहार में मानव श्रृंखला बनने जा रहा है. कडाके की ठंड के बीच शिक्षक, छात्र, छोटे बच्चे, सरकारी नौकर सडक पर सुबह से शाम तक जमा होंगे. लोकतंत्र के राजा की सनक को पूरा करने के लिए. इस ठंड में सरकार बहादुर को न बच्चों की चिंता है न रिटायरमेंट की कगार पर आ चुके वृद्ध सरकारी नौकरों की. उन्हें चिंता है तो बस नाम दर्ज कराने की. लेकिन, ये नाम कहां और किस बात के लिए दर्ज होगा. असफल शराबबंदी के लिए या उस दहेज प्रथा को रूकवाने के लिए, जिसका रूकना तब भी असंभव था, जब 498 ए कानून था और तब भी असंभव है जब इसके लिए बिहार में नया कानून बना है.

नीतीश जी, आपका नाम सिर्फ और सिर्फ इन वजहों से इतिहास में दर्ज होगा. आप तीन बार सीएम बने. आप दूरदर्शी, विजनरी नेता माने जाते थे. शुरू में आपने अपने स्तर पर बेहतर करने का प्रयास भी किया. गौरतलब है कि तब केन्द्र में कांग्रेस थी और आप बिहार में भाजपा के साथ मिल कर सरकार चला रहे थे. फिर भी सडक, बिजली में सुधार देखने को मिला. कानून का इकबाल बुलन्द हो रहा था. हमारे जैसे जड से कट चुके बिहारी, बिहारियत की चाहत में घर लौटना चाहते थे. इस बारे में योजना बना कर सोचने लगे थे. लेकिन, 2013-14 तक आते-आते आपके सिर पर सफलता की वो सनक सवार हुई, जिसने आपका तो कुछ नहीं बिगाडा, बिहार और बिहारियों को फिर से दुखी कर दिया.

आपने अपना पॉलिटिकल रोड मैप बनाते-बनाते बिहार विकास का मैप ही फाड दिया. आपके मन में समाज सुधारक बनने की जो लालसा जागृत हुई, उससे बिहार को कितना नुकसान हुआ, उसका अन्दाजा अगले 10-15 सालों हम सबको होगा. एक असफल राजनेता बनने की राह पर तो आप 2013 में ही चल पडे थे, अब जो समाज सुधारक बनने की सनक सवार हुई है, उसने आपको पॉलिटिसियन से इवेंट मैनेजर बना दिया है. आप अपनी ऊर्जा बिहार की जहालत दूर करने में लगाते तो ये दहेज और बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं अपने आप धीरे-धीरे खत्म हो जाती. लेकिन, आपने समस्या की जड से ज्यादा फुनगी पर प्रहार करना उचित समझा. शायद, इसलिए कि जनता मूर्ख होती है और सत्ता का भोंडा प्रदर्शन उसे अच्छा भी लगता है.

ठीक है. आप हमारे सपनों की कब्र पर अपने सनक का महल तैयार कीजिए. लेकिन, याद रखिए, इतिहास बडा निर्मम होता है. भविष्य में जब किसी को ये मिसाल देनी होगी कि किसी क्षमतावान नेता का क्षरण कैसे होता है, तो सर्वप्रथम आपका नाम लिया जाएगा….फिलहाल, मानव श्रृंखला उर्फ आपकी सनक का समारोह आपको मुबारक….
( शशि शेखर जी के वाल से साभार )

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