राजधानी में शराब की सप्लाई कोड वर्ड के जरिये की जा रही है। इसके लिए शराब सप्लायर कई कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी कोड वर्ड के सहारे शराब माफिया लोगों के घरों तक जाम पहुंचा रहे हैं। पूर्ण शराबबंदी और कड़ी पहरेदारी के बाद भी शहर में शराब की बड़ी-बड़ी खेप बरामद होने और शराब पीने के बढ़ रहे मामलों ने पटना पुलिस को परेशान कर रखा है। लिहाजा जब पुलिस ने शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों की गहनता से पड़ताल की तो यह सच्चाई निकल कर आयी कि पुलिस से बचने के लिए शराब माफिया शराब की सप्लाई के लिए कोड वर्ड का उपयोग कर रहे हैं।

इसके बाद पुलिस ने शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों के कोड र्वड को डिकोड कर शराब की कई बड़ी खेप को बरामद करने में सफलता पायी। इस बाबत एएसपी पटना राकेश दूबे की मानें तो पुलिस ने शराब सिंडिकेट से जुड़े कुछ लोगों के मोबाइल नंबरों को जब सर्विलांस पर लेकर उसे ट्रैप किया गया तो उनके द्वारा की गयी बातचीत में कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा था तो संदेहास्पद थे। इसके बाद उन शब्दों को जब पुलिस ने डिकोड किया तो यह बात सामने आयी कि यह र्वड शराब की खरीद-बिक्री से जुड़ा है।

मसलन,जाड़े के दिनों में शराब की सप्लाई के लिए वे लोग कड़ाके की ठंड , शीतलहर, बरसात में काले बादल, घनघोर वारिश और गर्मी के दिनों में टेंपरेचर बढ़ना, लू चलना आदि शब्दों का इस्तेमाल किया करते हैं। उनके द्वारा इस्तेमाल में लाये जा रहे कोड को जब पुलिस ने डिकोड कर छापेमारी की तो काफी सफलता हाथ लगी। वैसे शराबबंदी के शुरुआती साल की अपेक्षा दूसरे साल इस मामले में गिरफ्तारी से लेकर शराब बरामदगी में गिरावट आयी है। इन दो वर्षो में पटना पुलिस ने 28692 लोगों को गिरफ्तार, 14207 मामले दर्ज, 173166 लीटर अंग्रेजी , 41545 लीटर देशी शराब और 13763 लीटर बी यर बरामद की है।

( एस एन बी )

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