किसी भी रेल यात्री के अपने नाम से लिए गए कन्फर्म रिजर्वेशन टिकट पर अब उसके परिजन सफर कर सकेंगे। इस संबंध में रेल मंत्री की पहल पर दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ऐसे यात्री जिसकी रेल टिकट कंफर्म है लेकिन वह किसी वजह से सफर नहीं कर पा रहे हैं। तो उसके टिकट पर उसके परिवार के सदस्य यात्रा कर सकेंगे। इसमें पिता, माता, बहन, बेटा, बेटी तथा पति और पत्नी शामिल हैं।

– यात्रा से 24 घंटे पूर्व चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास आईडी प्रूफ के साथ आवेदन देना होगा। इस पर वहां से ओके कराकर यात्रा की जा सकेगी। सरकारी कर्मचारी को कार्य के सिलसिले में जाने पर अपने निर्धारित अधिकारी से अग्रेषित कराकर आवेदन कर सकेंगे। इस पर उसके कन्फर्म टिकट को लेकर दूसरे सरकारी कर्मचारी को यात्रा करने की अनुमति मिल सकेगी लेकिन उन्हें भी ट्रेन छूटने के 24 घंटे पहले आवेदन देना होगा।

दिक्कत ये कि दलालों को हो सकता है फायदा
– टिकट रिजर्वेशन के इस नियम से लोगों को तो फायदा होगा लेकिन दूसरी तरफ टिकट दलालों के भी इसका फायदा उठा लेने की उम्मीद रहेगी। रेलवे द्वारा काफी जद्दोजहद के बाद भी अभी तक रेल टिकटों के आरक्षण कराने में इनके वर्चस्व को खत्म नहीं किया जा सका है। एेसी परिस्थिति में स्टूडेंट या परिजन में किसी अन्य यात्री को इनके द्वारा सफर कराए जाने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

छात्र भी उठा सकेंगे सुविधा का लाभ
– वहीं स्कूल कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट संस्था प्रमुख की ओर से 48 घंटे पूर्व दिए गए आवेदन पर किसी छात्र के नाम से हुए रिजर्वेशन टिकट पर दूसरे छात्र को भेजा जा सकेगा। यही नियम मैरिज पार्टी के सफर करने पर सदस्य के बदलाव के समय ग्रुप के मुखिया की ओर से दिए गए आवेदन पर भी लागू होगा।

– इसी तरह नेशनल कैडेट के सदस्यों के एक साथ जाने के दौरान ग्रुप हेड द्वारा आवेदन देने पर दूसरे सदस्य को भेजे जाने की स्वीकृति दी जा सकेगी। इस संबंध में एसईसीआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पीसी त्रिपाठी ने रिजर्वेशन के कन्फर्म टिकट के संबंध में रेलवे द्वारा जारी किए गए नए नियमों की पुष्टि की।

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