बिहार के इस एसपी के प्रयास से शराब के जगह चाय बेच रही है महिलाये

बिहार के मुंगेर जिला पुलिस प्रशासन ने शराब बनाने और बेचने से जुड़ी आदिवासियों महिलाओं को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए अनूठी पहल की है.

एक महीने पहले झारखंड से महुआ लाने के आरोप में गिरफ्तार 15 महिलाओं के पुनर्वास के लिए मुंगेर के एसपी आशीष भारती ने गांव को गोद लिया है. अब इस गांव की महिलाएं महुआ से शराब बनाने की जगह चाय और पॉल्ट्री प्रोडक्ट बेचकर कमाई करेंगीं. जिला प्रशासन इन महिलाओं को हरसंभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहा है.
दरअसल, जिले के बरियारपुर थाना के उनभीवनवर्षा आदिवासी गांव की 15 महिलाएं एक महीने पहले झारखंड से देशी शराब बनाने के लिए महुआ लाने के दौरान पकड़ी गई था और उन्हें जेल भेज दिया गया था. पकड़े जाने के बाद जब ये महिलाएं बेल पर बाहर आई तो जिला पुलिस प्रशासन इन महिलाओं के लिए पुनर्वास करने के प्रयास में जुट गया.

एसपी आशीष भारती ने बताया कि जिला पुलिस प्रशासन ने इस गांव को ही गोद ले लिया और साथ ही न महिलाओं के रोजगार के लिए महिलाओं के बीच चाय दुकान खोलने से लेकर मुर्गी पालन तक के लिए सामान उपलब्ध कराए हैं, ताकि ये महिला शराब बनाने के धंधे से बहार निकल मुख्यधारा से जुड़ सके.एसपी ने बताया कि इन महिलाओं ने शपथ लिया है कि वे अब शराब बनाने का कारोबार नहीं करेंगी बल्कि वे चाय बेचकर और मुर्गी पालन कर अपना जीविका चलाएंगी. उधर जिला पुलिस प्रशासन की मदद से काफी खुश हैं.

आदिवासी बाहुल्य उनभीवनवर्षा गांव मुख्यालय से 15 किमी दूर बरियारपुर थाना के ऋषिकुंड पहाड़ की तराई में बसा नक्सल प्रभावित है. नक्सल प्रभावित होने के कारण सरकार की कई योजनाएं यहां सफल नहीं हो पा रही है लिहाजा ये गांव आज भी मुख्यधारा से नहीं जुट पाया है.

( Source – News 18 India)

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