जम्मू के बांदीपोरा के हाजीन इलाके में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद में हुए गरूड़ कमांडो ज्योति प्रकाश का अंतिम संस्कार किया गया। सोमवार सुबह पार्थिव शरीर बिहटा एयरपोर्ट पहुंचा फिर यहां से सलामी देने के बाद शव को उनके पैतृक गांव बदलाडीह भेजा गया। तिरंगे में लिपटा शहीद जवान केशव के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ गई. पूरा गांव अपने जवाब बेटे के एक झलक पाने को बेताब दिखा. ग्रामीण अपने वीर सपूत ज्योति प्रकाश अमर रहे के नारे तो लगा ही रहे थे साथ ही पाकिस्तान मुर्दाबाद के भी नारे लगाएं. शाम लगभग पांच बजे पिता तेजनारायण सिंह ने अपनी चार वर्षीया पौत्री जिज्ञासा के साथ इकलौते शहीद पुत्र को मुखाग्नि दी।

रोहतास डीएम ने परिजनों से मिलकर सरकार की ओर से 11 लाख रुपए का चेक सौंपा , ज्योति प्रकाश 2005 में वायुसेना में भर्ती हुए थे वह गरुड़ कमांडो थे। शहीद प्रकाश अपने पीछे पत्नी और 4 साल की बेटी जिज्ञासा के अलावे माता पिता और चार बहनें छोड़ गए हैं।

शहीद के पिता तेज नारायण सिंह ने कहा ” रोज रोज की शहादत से पूरा देश गमगीन होता है और इसका कोई निष्कर्ष भी नहीं निकल रहा है. कब तक भारत मां के बेटों के खून से यह धरती लाल होती रहेगी. मुझे गर्व है कि मेरे बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। अब तो मेरा सब कुछ छिन गया है। मेरा एक ही बेटा था। चार बेटियां हैं। तीन लड़की की शादी करनी है, अब कैसे करेंगे।

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