मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुए कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई जिसमें 25 प्रस्तावों पर मुहर लगी

समेकित बाल विकास परियोजना के अंतर्गत चलने वाली राजीव गांधी पालना घर योजना का नाम बदल दिया गया है. इस योजना का नाम बदल कर अब बाल संरक्षण सेवाएं कर दी गयीं हैं. इसे संचालित करने का राज्यांश और केंद्रांश का प्रतिशत भी बदल दिया गया है. इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर आधार कार्ड का पंजीकरण कराने की नयी व्यवस्था भी की गयी है. इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को तमाम जरूरी उपकरण खरीदने के लिए अलग से पैसे की मंजूरी दी गयी है. इसके अलावा अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय, पेयजल समेत तमाम जरूरी सुविधाएं भी मुहैया करायी जायेंगी.

इसके साथ ही राज्य कबिनेट ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए बंद हो चुके गन्ना उद्योग के मौसमी कर्मियों को अधिकतम 1.20 लाख और न्यूनतम 65 हजार रुपये का एकमुश्त समायोजन किये जाने की भी स्वीकृति दे दी गयी है।

राज्य सरकार ने ग्रामीण टोला सड़क संपर्क योजना के अंतर्गत बचे हुए चार हजार 653 टोलों को जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर पहल की गयी है. इसके लिए राज्य सरकार दो हजार 820 करोड़ का ऋण नाबार्ड से लेगी, जिसकी मंजूरी कैबिनेट से दी गयी है.

बिहार पुलिस की तर्ज पर सरकार होमगार्ड के स्थाई जवानों व निरीक्षक स्तर तक के अधिकारियों को भी अब 13 महीने का वेतन मिलेगा। राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को गृह विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव को मंजूरी दे दी .

मंत्रिमंडल ने भोजपुर के कोईलवर स्थित मानसिक आरोग्यशाला में प्रथम चरण में 272 बेड के भवन निर्माण के साथ ही उसकी चारदिवारी, केंद्रीकृत एयरकंडीशनिंग प्लांट, फर्नीचर, लिफ्ट, सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ ही वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 128 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

इसके अलावा पटना के तारामंडल में आधुनिक प्रोजेक्शन सिस्टम को स्थापित करने को मंजूरी दी गयी है. अब तारामंडल में नये कलेवर में दिखेगी

Leave a Reply