पटना हाईकोर्ट ने बारकोडिंग बदलने से फेल हुई सहरसा की प्रियंका सिंह के मामले में बिहार बोर्ड पर पांच लाख का जुर्माना लगाया है। न्यायाधीश चक्रधारीशरण सिंह की पीठ ने इस मामले में आदेश दिया है। अदालत ने स्क्रूटनी में गड़बड़ी की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने की बात कही है। यह कमेटी स्क्रूटनी में गड़बड़ी से असंतुष्ट छात्र-छात्राओं की कॉपियों की जांच करेगा।

दरअसल फेल हो जाने के बाद सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के सिटानाबाद पंचायत के छोटे से गांव गंगा प्रसाद टोले की प्रियंका सिंह ने अपने परिवार के लोगो को रजामंद करने के बाद आंसर-शीट की स्‍क्रूटनी के लिए फार्म भरी . लेकिन बोर्ड ने ‘नो चेंज’ कहकर प्रियंका को फिर से फेल कर दिया. जिसपे उसे विश्वास नहीं हुआ और वो अपने अभिभावकों को भरोसे में लेकर किसी तरह हाईकोर्ट पहुंची . बिहार बोर्ड ने प्रियंका सिंह के दावे को यहां भी पहले झुठलाने की कोशिश की. यही नहीं कोर्ट और बोर्ड का समय बर्बाद करने का आरोप भी लगाया. प्रियंका अपने भरोसे पर अड़ी रही कि फेल हूं तो कोर्ट उसकी आंसर-शीट दिखावे. हाईकोर्ट ने आंसर शीट दिखाने का निर्देश दिया, जिसके बाद बोर्ड के कहे अनुसार 40 हजार रुपये जमा करने को कहा व दावा गलत निकलने पर रुपये जब्‍त हो जाने की बात भी कही. प्रियंका ने पैसे की व्‍यवस्‍था कर रुपये जमा कराए. पैसा जमा होने के बाद कोर्ट ने एग्‍जामिनेशन बोर्ड को प्रियंका की संस्‍कृत और साइंस की आंसर शीट लेकर आने को कहा.

बोर्ड कॉपी लेकर कोर्ट में पहुंचा और फिर से जांचने में कोई गड़बड़ी नहीं होने की बात दुहराई. प्रियंका ने जब उत्तर पुस्तिका देखी तो पता चला कि यह उसकी कॉपी नहीं है। कॉपी किसी और की थी। कॉपी दूसरी छात्र से बदल जाने के कारण उसे फेल कर दिया गया। प्रियंका ने चैलेंज किया और कोर्ट ने सामने बैठकर हैंडराइटिंग का नमूना देने को कहा. कोर्ट ने भी पाया कि प्रियंका की आंसर शीट और ओरिजनल हैंडराइटिंग मेल नहीं खाता है. आंसर शीट की तलाश शुरू हुई. तलाश में बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भांडा फूटा. मालूम हुआ कि प्रियंका की आंसर शीट में बार कोडिंग गलत तरीके से हुई थी, जिससे प्रियंका की आंसर-शीट से दूसरी छात्रा संतुष्टि कुमारी को संस्‍कृत और साइंस में फेल से पास कर दिया गया. जबकि प्रियंका पास से फेल कर दी गई थी. बीएसईबी ने फिर से मूल्यांकन किया, जिसके बाद छात्रा को संस्कृत में 80 और विज्ञान में 61 अंक मिले। बीएसईबी ने यह बात स्वीकार की है कि प्रियंका की उत्तर पुस्तिका का पहले अच्छे तरीके से मूल्यांकन नहीं किया गया था।कोर्ट ने एग्‍जामिनेशन बोर्ड को पांच लाख रुपये का जुर्माना भरने को कहा और मैट्रिक परीक्षा 2017 की सभी आंसर शीट सुरक्षित रखने का निर्देश दिया.

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