विक्रमशिला एक्सप्रेस की एसी खराब होने से आक्रोशित यात्रियों ने रविवार को भागलपुर के स्टेशन अधीक्षक ओंकार प्रसाद को ही बंधन बना लिया। ट्रेन स्टेशन से खुल गई, तब भी उन्हें यात्रियों ने उतरने नहीं दिया। सुल्तानगंज स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी ने बलपूर्वक स्टेशन अधीक्षक को यात्रियों के कब्जे से मुक्त कराया। यह घटना अप विक्रमशिला एक्सप्रेस की है।

रविवार को अप विक्रमशिला एक्सप्रेस सुबह लगभग साढ़े 10:30 बजे स्टेशन पर प्लेस हुई थी। एसी टू बोगी में यात्री चढ़ रहे थे, लेकिन एसी नहीं चल रहा था। खुलने का समय (11:15) हो गया, तब भी एसी चालू नहीं हुआ। इस बीच एसी चलाने आए कर्मचारी ने विभागीय इंजीनियर को सूचित किया और मरम्मत का कार्य भी शुरू हो गया। इस कारण ट्रेन आधे घंटे अतिरिक्त स्टेशन पर रुकी रही। ट्रेन लेट हो रही थी, इसलिए स्टेशन अधीक्षक स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।

इसी बीच सिग्नल हुआ और ट्रेन खुल गई। स्टेशन अधीक्षक ट्रेन से उतरना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें यह कहते हुए नहीं उतरने दिया गया कि जब तक एसी काम करना शुरू नहीं करेगा तब तक आपको नहीं उतरने देंगे। लिहाजा यात्रियों के कब्जे में स्टेशन अधीक्षक ट्रेन में ही बैठे रहे। स्टेशन अधीक्षक ने कहा कि उन्हें फोन करने से भी मना किया जा रहा था। किसी बहाने से उन्होंने व्हाट्सएप पर एरिया मैनेजर को बंधक बनाने की सूचना दी। तब इसकी सूचना मालदा स्थित रेल मंडल मुख्यालय को भी दी गई।

सिक्योरिटी अफसर से अधीक्षक को मुक्त कराने का निर्देश मिला। तब सुल्तानगंज में पहले से मौजूद जीआरपी व आरपीएफ ने अधीक्षक को यात्रियों के कब्जे से मुक्त कराया। हालांकि तब तक एसी भी ठीक हो गया था।

Leave a Reply