मांझी की दो टूक – देश में आरक्षण की समीक्षा हो

पूर्व सीेएम जीतन राम मांझी ने कहा है कि देश में आरक्षण की समीक्षा की आवश्यकता है. आजादी के सात दशक बाद भी अारक्षण का लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा है। ऐसे में आवश्‍यकता है कि आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए। मांझी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन राव भगवत के उस बयान का समर्थन किया जिसमे उन्होंने देश में आरक्षण की समीक्षा की बात कही थी. भागवत के इस बयान के बाद देश भर में आरक्षण को लेकर बहस छिड़ गयी थी.

जीतन राम मांझी ने कहा कि आरक्षण को जानबूझ कर मुद्दा बनाया गया है. अगर कॉमन स्कूलिंग सिस्टम की व्यवस्था कर दिया जाय तो इसकी कोई आवश्यकता नहीं रहेगी. पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के द्वारा प्रस्तुत आम बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में तीन लाख करोड़ खर्च की योजना है जिसमें एक लाख करोड़ शिड्यूल कास्ट पर खर्च किया जाएगा ये कबीले तारीफ है.

एनडीए से अलग होने की अटकलों के बारे में मांझी ने कहा कि वो जहां भी रहते हैं धर्य के साथ रहते हैं मांझी ने एनडीए में दरार की बात को भी ख़ारिज किया. उन्होंने कहा कि मुसलमानों के हित में जो निर्णय लिया गया था उसका अनुपालन वर्त्तमान में सही ढंग से नहीं हो रहा है. उन्होंने साफ किया की 2019 के चुनाव में वो एनडीए के साथ ही रहेंगे. मांझी समस्तीपुर के ताजपुर हाई स्कूल परिसर में आयोजित संत रविदास जयंती समारोह में बोल रहे थे.

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