Nitish Kumar

बिहार कृषि बाजार प्रांगण भूमि अंतरण विधेयक, 2017 को पास कराने के बाद इस विधायक पर चर्चा के दौरान राजद व कांग्रेस के विधायकों द्वारा सवाल खड़े किए गए। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिफर पड़े और विपक्षी दलों को जम कर खरी खोटी सुनाई।

दरअसल, बिहार विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सीएम ने कहा कि 350वां प्रकाश पर्व के मौके सभी दलों का जोरदार समर्थन मिला था। नीतीश ने कहा कि अब जब 351वां प्रकाश पर्व के मौके पर गुरु गोविंद सिंह की जन्मभूमि पर पर्यटन स्थल के लिए काम किया जा रहा है तो लोग निरर्थक विरोध कर रहे हैं।

सीएम ने कहा कि प्रकाश पर्व के दौरान सभी लोग खुश थे और पूरी दुनिया से आए लोगों ने बिहार का गुणगान किया था। उन्होंने कहा कि इस दौरान लोगों को एहसास हुआ कि सरकार काम कर रही है।

350वें प्रकाश पर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार

दलगत राजनीति से प्रेरित है विपक्ष
3 दलों के रवैये पर निराशा जताते हुए नीतीश ने कहा कि 351वां प्रकाश पर्व के लिए भी सभी के समर्थन की उम्मीद थी, लेकिन दलगत राजनीति से प्रेरित होकर जिस तरह लोग विरोध कर रहे हैं, इससे स्पष्ट है कि इन्हें बिहार की छवि से कोई लेना-देना नहीं है।

कांग्रेस विधायक की आशंका, राजद का समर्थन
दरअसल, कांग्रेस विधायक रामदेव राय ने बिहार कृषि बाजार प्रांगण भूमि अंतरण विधेयक, 2017 में संसोधन पर चर्चा के दौरान सवाल उठाया था। विधेयक में गुरु गोविंद सिंह के लिए पर्यटन उद्यान सहित दूसरी चीजें बनाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस विधायक ने आशंका जताई थी जिसका राजद विधायकों ने भी समर्थन किया।

लखीसराय में खुदाई में प्राप्त बौद्ध धर्म के ऐतिहासिक अवशेष

इतिहास को साथ लेकर चलती है सरकार
सवाल खड़े करने पर सीएम नीतीश ने बिफरते हुए कहा कि कौन जानता था कि लखीसराय में बौद्ध धर्म का इतना बड़ा अवशेष मिलेगा। बिहार के प्राचीन इतिहास पर नीतीश ने विपक्ष को सख्त लहजे में कहा कि सरकार इतिहास को साथ लेकर चलती है और आप लोग ऐसा ना करें जिससे आने वाले समय में लोग आप लोगों पर प्रश्न उठाएं।

धड़ल्ले से शुरु हो जाएगा अधिग्रहण
चर्चा के दौरान विधायक रामदेव राय ने दलील दी थी कि पहले से ही कृषि भूमि अधिग्रहण प्रावधान के अनुच्छेद 4-6 में है जिसमें उल्लेख है कि कृषि की जमीन का अधिग्रहण करने पर उस पर केवल कृषि का कार्य ही होगा। विधायक रामदेव राय ने सदन में आशंका जताई थी कि वर्तमान विधेयक में लाए गए अधिग्रहण प्रस्ताव के बाद धर्म के नाम पर धड़ल्ले से कृषि भूमि का अधिग्रहण शुरू हो जाएगा।

बता दें कि लखीसराय के लालपहाड़ी में पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की खुदाई में अति प्राचीन बौद्ध और पालकालीन अवशेष मिल रहे हैं।

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