जदयू दिल्ली की 1642 अनधिकृत कॉलोनियों में दैनिक जीवन से जुड़ी सुविधाओं को बहाल करने की लड़ाई लड़ेगा। रविवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में दिल्ली प्रदेश जदयू के कार्यकर्ता सम्मेलन में यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। पार्टी के इस कदम को मिशन 2019 से जोड़का देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस बैठक में शामिल हुए।

इस मौके पर नीतीश कुमार ने कहा कि हमने बिहार में पंचायती राज व्‍यवस्‍था में महिलाओं को 50 प्रतिशत का अारक्षण दिया। अब हालत ये है कि चुनाव में महिलायें आधी से अधिक सीटों पर जीतकर आ रही है। महिला सशक्तिकरण हुआ है।

पहले बिहार में लड़कियां स्‍कूलों में कम जाती थी। लेकिन जब हमने साइकिल और पोशाक योजना शुरू की तो आज लड़कियां पढ़ने के लिए जाने लगी। जब हमने पहली बार इस योजना को शुरू किया था तब नौंवी क्‍लास में लड़कियों की संख्‍या एक लाख के करीब थी, आज वह संख्‍या नौ लाख से अधिक हो चुकी है।

एक बार पटना के श्रीकृष्‍ण मेमोरियल हॉल में कार्यक्रम के बाद महिला ने कहा कि बिहार में शराब बंद कर दीजिए। मैंने कहा था कि अगली बार सरकार में आयेंगे तो यह करेंगे। सरकार में आने पर हमने सबसे पहले शराबबंदी की। इसका असर भी अब बिहार में दिखने लगा है। बिहार में सड़क हादसों में 31 प्रतिशत की कमी आयी है। किडनी तथा लीवर से संबंधित बीमारियों में 39 प्रतिशत की कमी आयी है। मानसिक बीमारी में 37 प्रतिशत की कमी आयी है। यह शराबबंदी का असर है।

शराबबंदी लागू होने के बाद नशामुक्ति केंद्र भी बनाया गया। इस बीच रैपिड सर्वे भी कराया गया। 86 प्रतिशत लोगों के कार्य करने की क्षमता में बढ़ोत्‍तरी आयी है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा हर साल अपराध का आंकड़ा प्रकाशित होता है। आंकड़ों पर गौर करें तो शराबबंदी के बाद अपराध के आंकड़ों में काफी कमी आयी है। सभी धर्मों में शराब को सही नहीं माना गया है।

जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व दिल्ली के प्रभारी संजय झा ने बताया कि दिल्ली में जदयू अब पूरी तरह से सक्रिय है। एमसीडी चुनाव के समय लोगों को यह लग रहा था कि जदयू केवल चुनाव की वजह से दिल्ली में है पर यह मिथक अब खत्म हो चुका है। जदयू दिल्ली में प्रवासी लोग जिसमें विशेष रूप से पूर्वांचल और बिहार के लोग शामिल हैैं की लड़ाई लड़ रहा है।

दिल्ली में 1642 अनधिकृत कॉलोनियों को वैध किए जाने का वादा दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कर चुकी हैैं। ये कॉलानियों प्रवासी लोगों ने जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों को खरीद कर बनायी हैैं। इन कॉलोनियों का यह हाल है कि वहां पानी, बिजली और सीवरेज नहीं है। सरकार ने अभी तक इन्हें अधिकृत कॉलोनियों की सूची में शामिल नहीं किया है। इस लड़ाई को जदयू लड़ेगा।

झा ने बताया कि इसी तरह दिल्ली में अवैध शराब का धंधा चरम पर है। जदयू ने इस मसले पर भी आंदोलन की मंशा बना रखी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जदयू का दिल्ली में आधार बनाने की दिशा में कुछ भी नहीं किया जबकि दिल्ली में इसकी काफी संभावना है।

( Source – Jagran )

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