बिहार क्रिकेट संघ (सीएबी) के सचिव आदित्य वर्मा ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की प्रशासन समिति को पत्र भेजकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद विजय हजारे एकदिवसीय ट्रॉफी में बिहार को शामिल नहीं किए जाने पर कड़ा एतराज जताया है।

उन्होंने बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राहुल जौहरी की कार्यशैली पर भी प्रश्न खड़े किए हैं।

बिहार क्रिकेट संघ के सचिव आदित्य वर्मा ने कहा है की चार जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि बीसीसीआई द्वारा रणजी ट्रॉफी तथा इसके समकक्ष हर प्रकार के मैच में बिहार हिस्सा लेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2018 के आईपीएल मैच में खिलाड़ियों के निबंधन के लिए बीसीसीआई ने प्रत्येक राज्यों और जिला को पत्र भेजकर खिलाड़ियों की सूची मांगी थी परंतु बिहार को यह पत्र भी नहीं भेजा गया।

उन्होंने कहा कि इसके लिए बीसीसीआई से जानकारी भी मांगी गई परंतु इसके कारणों की भी जानकारी नहीं दी गई। वर्मा का कहना है कि बिहार के खिलाड़ियों के साथ वर्ष 2003 से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है परंतु सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर भी स्थिति नहीं सुधरी।

उल्लेखनीय है कि इसी साल सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा है कि बिहार की टीम बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के तहत रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी। न्यायालय ने कहा है कि यह फैसला क्रिकेट के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

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