दिल्ली  के एक पूर्व कांग्रेस विधायक ने नोटबंदी के बाद 8 करोड़ रुपये के कालेधन को रफा–दफा किया था। इसमें उसने दिल्ली के वकील रोहित टंडन व अन्य से साठगांठ की थी। ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है।
पिछले माह किया था गिरफ्तार
पूर्व कांग्रेस विधायक राजेश जैन को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पिछले माह गिरफ्तार किया था। उन पर नोटबंदी के बाद अवैध रूप से धन की हेराफेरी का केस दर्ज किया गया है। ईडी अब जल्द ही जैन को कोर्ट से रिमांड पर मांगेगा और विस्तार से पूछताछ करेगा। जैन फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में है।
जांच में पता चला है कि जैन व उनके बेटा प्रतीक जैन जय जिनेंद्र सेल्स व श्रीनिवास सेल्स के मालिक हैं। नोटबंदी के दौरान इन फर्मों को 8.71 करो़ड़ प्राप्त हुए। इनमें से 8.56 करोड़ रुपये आरटीजीएस से और 15 लाख रुपये नकद मिले। ये पैसा रोहित टंडन की फर्मों से आया।
माना जा रहा है कि यह कालाधन जल्द ही अन्य फर्मों में सफेद कर ट्रांसफर कर दिया गया। ईडी का कहना है कि पूरे मामले में विस्तार से पूछताछ जरूरी है, ताकि साजिश का खुलासा हो सके।
ईडी मई में जैन के दिल्ली स्थित परिसरों पर छापे मार चुका है। यह कार्रवाई टंडन व अन्य की जांच के सिलसिले में की गई थी।

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