सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रिपल तलाक के मामले में निर्देश दिये जाने के बावजूद तीन तलाक देने का मामला नहीं थम रहा है. अब सीतामढ़ी के इस पीड़ित का ताजा मामला सामने आया है . रफत तरन्नुम का निकाह वर्ष 2010 में गांव के ही आरिफ से हुई लेकिन कुछ ही दिनों के बाद से उससे दहेज की मांग की जाने लगी.निकाह के दो वर्षों बाद तक संतान नहीं होने के बहाने उसे प्रताड़ित किया जाने लगा.

उधर, रफत के शौहर आरिफ जया रोजी-रोजगार के लिए सऊदी अरब चला गया. वहां से वह 18 अक्टूबर, 2017 को इंटरनेट कॉल करके अपनी बेगम को तलाक दे दिया. हालांकि, गांव में पंचायती कराने का भी प्रयास किया गया, लेकिन नतीजा नहीं निकल सका.

उसके बाद सीतामढ़ी के नानपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा कर पीड़िता ने न्याय की गुहार लगायी है. वहीं, जिले के पुलिस कप्तान ने मामले की जानकारी नहीं होने का हवाला देते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. वहीं, पीड़िता ने जब मामले की सूचना अपने ससुरालवालों को दी तब उन लोगों ने भी कुछ मदद करने से इनकार कर दिया.

 

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