पूर्व सांसद, राजस्व एवं व्यय सचिव एनके सिंह को 15वें वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है . सिंह के अलावा, पूर्व आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास और प्रोफेसर अनूप सिंह को 15 वें वित्त आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है।एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि बंधन बैंक के अध्यक्ष अशोक लाहिरी और निति आयोग के सदस्य रमेश चंद अंशकालिक सदस्य होंगे। अरविंद मेहता आयोग के सचिव होंगे।

वित्त आयोग का गठन हर 5 साल पर होता है, जो केंद्र, राज्य और स्थानीय प्रशासनिक निकायों के बीच कर के बंटवारे के नियमों पर सुझाव देता है। 2017-18 के बजट में सरकार ने 15वें वित्त आयोग के काम शुरू करने के लिए 10 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। इसकी सिफारिशें 2020-2025 के लिए होंगी। 14वें वित्त आयोग की अध्यक्षता भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाईवी रेड्डी ने की थी। आयोग ने 2015-16 से 2019-20 के बीच राज्यों को कर का 42 प्रतिशत दिए जाने की सिफारिश की थी। इसके पहले के वित्त आयोग ने 32 प्रतिशत कर राज्यों को देने की सिफारिश की थी।

अधिसूचना के अनुसार, आयोग वित्त, घाटे, ऋण स्तर, नकद संतुलन और संघ और राज्यों के राजकोषीय अनुशासन प्रयासों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करेगा। इसे 30 अक्टूबर 201 9 तक अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इसकी सिफारिशें 1 अप्रैल, 2020 से लागू होंगी और पांच साल की अवधि में शामिल होंगी।

भारतीय जनता पार्टी के सदस्य सिंह 2008 से 2014 तक राज्य सभा के सांसद रहे हैं। उन्होंने वित्त मंत्रालय के राजस्व एवं व्यय विभाग मेंं सचिव के रूप में सेवाएं प्रदान की है। अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में सिंह आफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी थे। वह योजना आयोग के सदस्य भी रहे हैैं। हाल तक सिंह वित्तीय दायित्व एवं बजट प्रबंधन समिति के चेयरमैन रहे हैं, जिन्होंने वित्त वर्ष 2023 तक के राजकोषीय खाके के मसौदा कानून का प्रत्साव किया था, जिसे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है।

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