प्रिय देश वासियों,

नहीं चाहिए मुझे ऐसा हिंदुस्तान
जहाँ मुझे अपने ही धरती पर शर्मिंदा होना पड़े। 
कोई तो इन्हे बताओ कि गौतम बुध, गुरु गोबिंद सिंह 
यही थे पले- बड़े

हाँ,बिहारी होने पे मुझे गर्व है।

कल मैं एक हैदराबाद के रेस्टोरेंट में गया, वहां खाना खाने के बाद रेस्टोरेंट के मालिक से बात करने लगा । हम काफी देर तक बात करते रहे, हमारी बीच में बहुत अच्छी बाते चल रही थी । कुछ ही समय की बातचीत ने हम दोनों को एक अच्छा मित्र बना दिया । उसने मुझे से कहा की “आप बहुत अच्छे और प्यारे तरीके से बात करते हैं । ” मैंने उनका धन्यवाद किया और अब वहां से निकलने की सोच ही रहा था कि उसने मुझसे पूछ कि ” आप कहाँ से हो ?” मैंने २ क्षण सोचा और कहा ” मैं  xxxx (कोई दूसरा राज्य ) से हूँ ” तभी वो कहता है कि शुक्र है कि आप बिहार से नहीं है । मैंने बहुत ही आश्चर्य से पुछा कि “क्यों क्या हुआ !?”. अगले ही क्षण वो अपना भड़ास निकालने लगा , “बिहारी बहुत गंदे होते है , जहाँ रहते हैं वही गंदगी मचा देते है , बिहारियों को तो बीच चौराहे पे लटका के मारना चाहिए , ये बिहारी अनपढ़ गवार , गाली-गलौज , मार-पीट के अलावा इनको कुछ नहीं आता ।” मैं अंदर ही अंदर आग बबूला होने लगा । मुझे बहुत शर्मिंदा महसूस हुआ , में पूरी तरह टूट चूका था ।

देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद

            अगर बिहार कि जगह पर कोई विदेशी “भारत” के बारे में इस तरह बोलता तो ?
                     जम्मू से लेके कन्या कुमारी तक हड़कंप मच जाता ।

अगर मैं एक शब्द में कहूँ तो इसका ज़िम्मेदार पूरा देश है। क्योंकि आप ही में से कोई हमे बदनाम करता है तो कोई उस मज़ाक का आनंद लेता है। ये एक कितनी शर्म की बात है कि अपने ही देश में हमे सरेआम बेइज़्ज़ती झेलनी पड़ती है। कोई आपको और आपके परिवार के बारे में गलत बोले तो, आपको कैसा महसूस होगा? कोई पराया आपको गाली दे तो आप उसका मुख बंद कर देते है , मगर वही गाली आपका कोई अपना दे तो दिल पूरी तरह टूट जाता है। बिलकुल इस तरह कोई हमारा हिंदुस्तानी भाई बुरा-भला कहता है तो बात सीधे दिल पे लगती है। कोई भी व्यक्ति जब हर चीज में अव्वल नहीं हो सकता तो १२१ करोड़ कि आबादी वाला राष्ट्र हर दिशा में सशक्त होने कि उम्मीद कैसे रख सकता है? माना कि हमारा राज्य दूसरे राज्यो के मुकाबले पीछे है मगर उतना भी पीछे नहीं जितना आपकी सोच कहती है, जितना आपके दोस्त कहते है या फिर जितना आपको फिल्मो वाले दिखते है। 2017 में एक तमिल फिल्म में GST का मज़ाक बनाया जाया तो केंद्र कि सरकार हरकत में आ गयी। 2013 में फिल्म विश्वरूपम में हमारे मुस्लिम भाइयों के भावनाओ के साथ खिलवाड़ हुआ तो अन्य मुस्लिम दलो ने इसका विरोध किया। हाल ही में पद्मावती फिल्म में भी हिन्दू भाइयो के भावनाओ के साथ खिलवाड़ हुआ तो उन्होंने भी अभी तक फिल्म को रिलीज़ नहीं होने दी। मगर कई फिल्मो में हमारे बिहार को अलग और बुरे तरीके से दिखा कर हमारे भावनाओ के साथ खिलवाड़ किया गया परन्तु आज तक आपने कभी इसका विरोध देखा है ? नहीं ! क्योंकि इसलिए नहीं कि हम असमर्थ है बल्कि इसलिए हम इन चीजों पर कभी ध्यान नहीं देते। आज इसका नतीजा ये हुआ कि हर कोई मुँह उठा कर बिहार के बारे में अनाप-शनाप बोल देता है। वो चाहे देश का कोई भी कोना ही क्यों न हो?

बोधगया जहाँ महात्मा बुध को ज्ञान प्राप्त हुआ

ये घटना  दक्षिण भारत की है। ,”एक ३ साल के बच्चे को स्कूल में दाखिले के लिए उसके माता-पिता जब गए तो उस बच्चे से स्कूल वाले पूछते है कि वो कहा से है, जब उस बच्चे ने कहा कि वो बिहार से है अगले ही क्षण स्कूल वाले पूछते हैं कि स्कूल में मार-पीट तो नहीं करोगे, स्कूल में पिस्तौल (रिवाल्वर) तो नहीं लाओगे?” अब आप ही बताए कि ३ साल के बच्चे को क्या पता कि पिस्तौल किस चिड़िया का नाम है? अब आप सोचिये कि क्या ये लड़का कभी भी बोल पायेगा कि वो बिहार से है, नहीं ! उससे हमेशा अपने मातृभूमि को भूल झूठ बोलना पड़ेगा।

                                              2008 – महाराष्ट्र में 
                                              2009 – कर्नाटक में 
                                              2003 – असम में 
                                             2009 – राजस्थान में 
                                बिहारियों को पीटा गया सिर्फ इसलिए कि वो बिहारी थे 
         जब आपको इतनी नफरत है, तो बिहार को हिंदुस्तान से जोड़ कर ही क्यों रखा हुआ है?

जब आप इंटरनेट पर सर्च करे तो आपको बिहारियों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों का एक लम्बा-छोड़ा लिस्ट मिल जायेगा। आपको बिहार के बारे में wikipedia मिले या ना मिले मगर बिहार-विरोधी पर wikipedia ज़रूर मिल जायेगा। एक तरफ जहाँ हिंदुस्तान loop -hole techonology और बुलेट ट्रेन की बात कर रहा है तो वही दूसरी तरफ बिहार में आज भी लोग बिजली, सड़क और अच्छी शिक्षा के लिए त्राहि- त्राहि कर रहे है। एक तरफ जहां हिन्दुस्तान 530 km १ घंटे ३० मिनट में सफर करने कि बात कर रहा वही दूसरी तरफ आज भी बिहार के निवासियों को 5 km का सफर तय करने में ३० मिनट से अधिक लग जाता है। इसका ज़िम्मेदार बिहार की सरकार नहीं बल्कि हम बिहारी है जो चुप-चाप हर चीज़ सहते जा रहे है।

चुप- चाप 
चुप- चाप। 
कभी वो हमारा मज़ाक उड़ाते रहे 
कभी वो हमे बिहारी होने पे पीटते रहे
कभी वो हमे आगे बढ़ने ना दिए
कभी हमे पढ़ने-लिखने ना दिए 
मगर आज-तक हम सहते रहे 
चुप- चाप 
चुप- चाप।

यह वही बिहार है जिसने इस देश को उसका पहले राष्ट्रपति दिया ,यह वही बिहार है जिसने जयप्रकाश नारायण (लोकनायक) जैसे लाल को पैदा किया, यह वही बिहार है जिसने रामधारी सिंह दिनकर जैसे महान कवि दिया। यह वही बिहार है जिसने गौतम बुध , महान गुरु गोबिंद सिंह , चाणक्य, वीर कुंवर सिंह ,अशोक, माँ सीता, जगजीवन राम जैसे महापुरुषों को जन्म दिया। भारत में ही नहीं बल्कि विदेशो में भी बिहारियों ने अपना नाम रौशन कर दिखाया है । नेपाल के पहले उप राष्ट्रपति परमानन्द झा, मॉरिशस के पहले प्रधान मंत्री शिवसागर रामगुलाम और अन्य कई देशो के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बिहार से ही थे । आप लोग तो बिहारी होने पे पीट देते है, मगर यह मत भूलिए कि पुरे विश्व को “zero” एक बिहारी (आर्यभट्ट) ने ही दिया था। आप को शर्म आना चाहिए कि जिस बिहारी के वजह से आपका शान बढ़ता है उसी बिहारी का आप मज़ाक बनाते हैं। कई देशो में भोजपुरी कि मान्यता है। वही इस देश में इसी भोजपुरी भाषा का मज़ाक उड़ाया जाता रहा है। किसी भी इंसान की गलती उसके व्यक्तित्व के रूप में देखना चाहिए न कि उस व्यक्ति कि गलती के लिए पूरे राज्य को बदनाम करे।

 

महान अर्थशास्त्री आचार्य चाणक्य

                      बच्चपन में मै और आप हर दिन यह कसम खाया करते थे कि :
भारत मेरा देश है।
                         सब भारतवासी मेरे भाई-बहन है।
मैं अपने देश से प्रेम करता/करती हूं।
                     इसकी समृद्ध एवं विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है।
मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता/करती रहूँगा/रहूँगी।
मैं अपने माता-पिता, शिक्षको एवं गुरुजनो का सम्मान करूँगा/करूँगी और प्रत्येक के साथ विनीत रहूँगा/रहूँगी।
                   मैं अपने देश और देशवाशियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता/करती हूँ।
इनके कल्याण एवं समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।

                               काश यह सच होता।
जय बिहार । जय हिन्दुस्थान ।

आपका प्यारा,
एक बिहारी।

 

~ओंकार सिंह राजपूत

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